जितिया व्रत 2026: निर्जला उपवास, संतान की लंबी आयु और मां का अमर प्रेम - पूरी जानकारी
अपनी संतान की लंबी उम्र और मंगलकामना के लिए जितिया व्रत का अनुष्ठान करती एक भारतीय मां। जितिया व्रत का महत्व और हमारी संस्कृति (The Deep Connection) जितिया व्रत क्या है? क्या सच में यह सिर्फ एक 'कठिन व्रत' है? सच बताऊं, जब भी भाद्रपद या आश्विन मास की अष्टमी तिथि आती है, तो घर के माहौल में एक अलग ही पवित्रता और गंभीरता छा जाती है। मैंने अपनी मां, चाची और घर की बड़ी महिलाओं को जितिया व्रत के लिए खुद को तैयार होते देखा है। अक्सर लोग इसे सिर्फ एक 'कठिन निर्जला उपवास' के रूप में देखते हैं, जहाँ माताएं बिना पानी पिए, पूरे 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं। लेकिन जरा रुकिए और दिल पर हाथ रखकर सोचिए—क्या कोई इंसान अपनी मर्जी से इतनी तकलीफ सह सकता है? कतई नहीं! फिर यह सब क्यों होता है? इसका सीधा-सा जवाब है— 'मां का निस्वार्थ प्रेम' । यह व्रत एक मां के उस अटूट विश्वास का प्रतीक है, जो उसे अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और हर मुसीबत से रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है। यह दुनिया का इकलौता ऐसा व्रत है, जो कोई अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी ज...